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Khaan Chacha Ki Dukaan (Part 1) – A Short Story

ऐसा लगता है जैसे की ये बात हमेशा से ही हो। ऐसी इमारतें या दुकाने जिनके ना होने के बारे में कभी ज़हन में भी नहीं आता। हर शहर की अपनी कुछ पहचानें होती हैं, कोई अड्डा होता है कहीं, कहीं कोई किराने की दूकान, और कहीं झील के किनारे एक बड़ा सा पत्थर। बस […]

Short Story: Bombay, Baarish aur Ek Kahaani

पिछले महीने एक साल हुए मुझे बॉम्बे में। कई बार लोगों ने टोका मुझे की अब तो यहां के बाशिंदे भी इसे मुंबई कहते हैं, तुम भी आदत डाल लो, लेकिन मैं तो मैं ही हूं। वही अड़ियल, ज़िद्दी इंसान। बचपन से ही आदत थी मेरी, दुनिया से अलग चलने की। कोई cool बनने की चाहत […]

Samar ka Video Game : A Short Story

बार बार पापा मिन्नतें कर के हार चुका था समर। पापा समझते ही नहीं थे की वो वीडियो गेम कितना ज़रूरी हो गया था समर की इज़्ज़त के लिए। बस में जब अमित और निशांत कॉण्ट्रा के बारे में बातें करते, तो उसे चुप हो जाना पड़ता था। पिछली गर्मियों की छुट्टी में जब निशांत […]

Sheher, Safar aur Humsafar : A Short Story

ट्रेन आदतन तो नहीं, लेकिन वक़्त पे थी। हमारे यहाँ की रेल गाड़ियों की भी अपनी अकड़ होती है। आप जब जो चाहते हैं उसका ठीक उल्टा करती हैं ये। आप शायद ये सोच रहे होंगे, की मैं भी क्या अजीब आदमी हूँ की जो भूली भटकी ट्रेन वक़्त पे पहुँच गयी, उसकी तारीफ़ की […]