Rohit Srivastav

Swarg se Jannat: A Short Story

16 साल बाद किस्मत फिर मुझे अपने शहर ले कर आई थी। वो शहर जहाँ से मेरे ही शहर वालों ने मेरे परिवार को बाहर ढकेल दिया था। उस रात हमारे साथ और भी सैकड़ो परिवार बेघर हुए थे। वैसे तो बहुत छोटा था मैं उस वक़्त, लेकिन पापा के मुंह से इतनी बार वो […]

Aakashwaani: A micro story

वैसे तो कंपनी वाले फ्लाइट की टिकट करा के देते हैं लेकिन ट्रैन के सफर का मेरे हिसाब से कोई मुक़ाबला नहीं है। जब आप सफर में होते हैं तो वक़्त रुक जाता है जैसे। वक़्त! आप एक जगह पर एक भूमिका निभा कर आते हैं और दूसरी जगह दुसरे लोग और दूसरी भूमिका आपका […]