बिना ज्ञान वाला Republic Day पोस्ट

26 जनवरी, Republic Day, गणतंत्र दिवस। बचपन में कई सालों तक मुझे ये दिन समझ में नहीं आता था। ऐसा नहीं था की लोगों ने समझाने की कोशिश नहीं की। मम्मी ने काफी डिटेल में समझाया – लेकिन संविधान समझना इतना आसान होता तो फिर हम वाकई में गणतंत्र नहीं हो जाते? पापा ने बताया […]

Sunday वाला Blog #3: Sunday वाला TV

कुछ Sundays जरुरत से ज़्यादा ही आलसी होते हैं। कुछ भी करने की इच्छा नहीं होती। ना आज क्रिकेट खेलेंगे, ना ही बाजार से समोसे जलेबी आएगी। आज तो चाय भी बमुश्किल बनेगी। नहाने पर एक लम्बा अंतर्द्वंद चलेगा, pros एंड cons में विवाद होगा, और ज्यादातर ये फैसला बाद में लेने पर टाल दिया […]

Sunday वाला blog #2: Sunday वाला मैच

वैसे तो संडे की सुबह थोड़े आराम से ही होती है, लेकिन आज की सुबह थोड़ी जल्दी हो गयी थी। बहुत दिनों के बाद आज वाला संडे आया था। बहुत दोनों बाद क्रिकेट वाला संडे आया था। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में इंडियन टीम ने कमाल क्या दिखाया, ऑफिस में एक नया जोश आ गया था […]

Sunday वाला Blog #1: Sunday वाली Category

बहुत देर तक Netflix, Hotstar, और Amazon Prime की ख़ाक छानने के बाद भी, मैं अब तक तय नहीं कर पाया था, की आखिर देखना क्या है। वैसे तो उम्मीद कम ही रखता हूँ मैं TV से आजकल, लेकिन थोड़ी उम्मीद बचा कर, मैंने TV चालू कर दिया। देखा तो स्टार गोल्ड पर चुपके चुपके […]

मेरे पापा का घर – एक कहानी

‘अरे पापा, आ गए आप। मैं चाय बनाने ही लगी थी।’ स्मिता ने कहते हुए माथुर साहब के हाथ से दूध का पैकेट लिया और चाय चढाने चली गयी। ‘हाँ, वो बारिश हुई न कल रात भर, तो रास्ते की हालत थोड़ी ख़राब थी, ऊपर से ये टैक्सी वाले सुबह से ही जल्दी में रहते […]

नोटबंदी – एक कहानी

वैसे तो 8 नवम्बर की रात बहुत लोगों की, नींद के बगैर ही गुज़री थी लेकिन भागलपुर के गुप्ता जी का कारण कुछ और था। प्रोग्राम तो था की मोदी जी का सन्देश सुनते सुनते खाना खायेंगे और फिर रेडियो पर मनचाहे गीत सुनते हुए सो जाएंगे। खैर, बिजली विभाग का प्रोग्राम ज़रा अलग था। […]